महिला सुरक्षा और पुलिस से आपेक्षा विषय पर हुआ संवाद

महिलाओं के विरूद्ध अपराधों की रोकथाम हेतू समाज की भूमिका पर कार्यशाला
महिला सुरक्षा और पुलिस से आपेक्षा विषय पर हुआ संवाद
घर परिवार में जन्म से ही हो समानता का व्यवहार- एसपी शुक्ला




मंडीदीप- महिलाओं पर होने वाली हिंसा और अपराध आज के संदर्भ में समाज का एक विकृत चेहरा बनकर उभरा है। हर तरफ महिलाओं पर दोयम दर्जे का व्यवहार उनपर शारीरिक मानसिक आर्थिक और सामजिक प्रताडना की बढती घटनाऐं मानव प्रकृति और संस्कृति का मुुंह चिढा रही हैं। एसे में जिला पुलिस द्वारा अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के विरूद्ध अपराधों की रोकथाम हेतू समाज की भूमिका विशय पर एसोशियेशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज के सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यकृम में जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका शुक्ला ने महिलाओें को महिला सुरक्षा के लिए कानुनी अधिकारों की जानकारी दी। साथ ही उपस्थित महिलाओं से पुलिस से वे क्या आपेक्षा रखती हैं इस पर संवाद किया।
                                          श्रीमती शुक्ला ने समाज में महिलाओं की स्थिति पर भी चर्चा की और उन्ही महिलाओं से जवाब की भी आपेक्षा की। महिलाओं ने एक स्वर में परिवारिक समाजिक स्तर पर हो रहे भेदभाव को प्रमुखता से स्वीकारा। संवाद में यह निकल कर आया कि महिलाओं के साथ घर परिवार में जन्म से ही यदि समानता का व्यवहार किया जाए तो परिस्थितियॉ बदल सकती हैं। श्रीमती शुक्ला न जब यह पूछा की महिलाओं के विरूद्ध अपराधों की रोकथाम के अगली बार किन लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम रखा जाए। इसपर महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि पुरूषों को जानकारी की ज्यादा जरूरत है। 
                           महिलाओं ने नगर में चल रहे जुआ,सट्टा और शराब की दुकानों को भी महिला हिंसा और अपराध के लिए प्रमुख कारण बताया। उन्होंनें मांग की कि यदि जूआ सट्टा और शराब की दुकानों को बंद करा दिया जाए तो महिलाओं की सामजिक स्थिति सुधर सकती है। 



इस अवसर पर महिलाओं को स्थिर और चुस्त सक्रीय दिमाग रख त्वरित निर्णय लेने, तत्कालिक विषय पर संभाषण जैसे खेल खिलवाकर कार्यक्रम को रोचक बनाया। आयोजन में महिला बालविकास अधिकारी प्रतिभा साहू,पैरालीगल कार्यकर्ता राधिका पाल,निकिता नामदेव,शिक्षिका अनिता मिश्रा,डॉ अलका उमक,महिला बालविकास की पर्वेक्षक गीता पाल,ज्योति ठाकुर,महिला नेत्री लक्ष्मी दुबे,पारस गोस्वामी सहित नगर की सामाजिक सरोकारों में अग्रणी महिलाओं नें सक्रीय सहभागिता निभाई। खेलों व तत्काल भाषण में भाग लेने वाली अग्रणी महिलाओं को पुरूस्कृत भी किया गया। 



पुलिस अधीक्षक श्रीमती शुक्ला ने यह कह कर कि अपराधों की रोकथाम में महिलाओं के साथ पुरूषों की भी समान भागीदारी होनी चाहिए। परस्पर समानता से समाज में समानता आ सकती है। इस लिए प्रेस के संवाददाता व भोजेश्वर मिडिया संघ के पत्रकारों को भी खेल खिलवाकर आयोजन के उद्देश्य की सफलता के लिए सहभागिता निभाने को कहा।
कार्यक्रम में प्रशिक्षु डीएसपी सुरभि मीना,एसडीओपी मलकीत सिंह,मंडीदीप थाना प्रभारी राजेश तिवारी,सतलापुर थाना प्रभारी गिरीश दुबे व महिला पुलिस सब इंस्पेक्टर मुक्ता शर्मा,आरक्षक कंचन राठौर,विमला यादव व कंचन सहित दोनो थानों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
 
  
 


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