कोरोना में बड़ी राहत: कोरोना से मौत होने पर ईएसआईसी से बीमित श्रमिक के परिजनों को हर महीने मिलेगी पेंशन

 कोरोना में बड़ी राहत: 

कोरोना से मौत होने पर ईएसआईसी  से  बीमित श्रमिक के परिजनों को हर महीने मिलेगी पेंशन


 मंडीदीप। राज्य कर्मचारी बीमा निगम ( ईएसआईसी) ने कोरोना को ध्‍यान में रखकर एक बड़ी योजना की घोषणा की है। वह यह है कि यदि किसी  बीमित श्रमिक की मौत कोरोना से होती है  तो उसके परिजनों को वेतन का 90 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा।  बीते 3 जून  से इस योजना को लागू किया गया है । किसी खास बीमारी को लेकर आई ईएसआईसी की यह पहली योजना होगी जिसमें कोरोना बीमारी की चपेट में आकर मरने वाले कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी।इस योजना की खास बात है कि इसका लाभ उठाने वालों के लिए योग्‍यता या पात्रता को काफी सरल रखा गया है, ताकि अगर ईएसआईसी में योगदान देने वाले कर्मचारियों की कोरोना से मौत के बाद उनके परिवार को आसानी से इसका फायदा मिल सके। 

निगम के प्रबंधक अनुभव वत्स ने बताया कि बीते वर्ष निगम ने नौकरी छूटने वाले बीमा धारकों को 3 महीने का वेतन दिया था। वहीं इस बार निगम ने कोरोना से मृत हुए बीमा धारकों के परिजनों को हर महीने सैलरी का 90 प्रतिशत पेंशन के रूप में देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आईपी के परिवार के सभी आश्रित सदस्य जो ईएसआईसी के ऑनलाइन पोर्टल में कोविड बीमारी के निदान और इस रोग के कारण बाद में मौत से पहले पंजीकृत हैं, वे भी काम के दौरान मरने वाले बीमित व्यक्तियों के आश्रितों को प्राप्त होने वाले लाभ और इसे समान स्तर पर ही हासिल करने के हकदार होंगे। साथ ही अगर कर्मचारी संक्रमित होने के कारण काम नहीं कर पाता, तब भी सैलरी मिलती रहेगी। योजना की अवधि 2 साल तक रहेगी ।इसे 24 मार्च 2020 से शुरू माना जाएगा ।

अब तक 8 आवेदन आए: 

 प्रबंधक वत्स ने बताया कि इस कल्याणकारी योजना का लाभ पाने के लिए मंडीदीप से चार और होशंगाबाद जिले से 4 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनका  सत्यापन कर  शीघ्र ही  बीमा धारकों के परिजनों को लाभ दिलाया जाएगा । 

पेंशन पाने यह होंगे पात्र:

प्रबंधक वत्स ने बताया कि यह राशि मृतक की पत्नी, विधवा मां। 25 वर्ष की आयु तक पुत्र, अविवाहित पुत्री, को अनुपातिक रूप से दी जाएगी। अगर आश्रितों में उपरोक्त लोग नहीं है तो राशि अव्यस्क भाई, अविवाहित बहन, पुत्र वधू और नाती पोतों को दी जाएगी ।इस योजना का लाभ उन्हीं को मिलेगा जो कोविड-19 बीमारी से ठीक पहले 1 वर्ष में 70 दिन का अंशदान एवं कम से कम 3 महीने पहले कर्मचारी राज्य बीमा निगम में पंजीकृत हुए हैं।

लाभ लेने यह करना होगा: 

इस योजना का लाभ पाने के लिए आश्रितों को कोविड-19 की मूल रिपोर्ट तथा बीमित व्यक्ति का मूल्य मृत्यु प्रमाण पत्र और आधार कार्ड लाना होगा ।

ईएसआईसी कोविड19 रिलीफ स्‍कीम से मिलेगा ये लाभ:

इस स्‍कीम के तहत आवेदन करने वाले परिवार को मृत कर्मचारी की सैलरी मिलेगी।यानी कि ईएसआईसी में योगदान देने वाले व्यक्ति( महिला या पुरुष) की अगर कोरोना से मौत हो जाती है,  तो उसके परिवार में पत्‍नी, बच्‍चों, निर्भर माता-पिता या भाई-बहनों को हर महीने कर्मचारी की अंतिम सैलरी का 90 फीसदी भुगतान किया जाएगा

मान लीजिए किसी व्‍यक्ति की सैलरी 15 हजार रुपये महीने है तो उसकी कोरोना से मौत के बाद उसके परिवार को 15 हजार का 90 फीसदी पैसा हर महीने दिया जाएगा। यह उस परिवार के लिए काफी बड़ी राहत होगी।ऐसे में परिवार आसानी से अपना जीवनयापन कर सकेगा।

 शर्त क्या हैं?:

इस योजना का लाभ पाने के लिए हितग्राहियों को दो शर्तें पूरी करनी होंगी। पहली कि आईपी को ईएसआईसी ऑनलाइन पोर्टल पर कॉविड  रोग के निदान और इसके चलते होने वाली मौत से कम से कम तीन महीने पहले पंजीकृत होना चाहिए। दूसरी कि बीमित व्यक्ति निश्चित तौर पर वेतन के लिए नियोजित होना चाहिए और मृतक बीमित व्यक्ति के संदर्भ में कॉविड रोग का पता चलने, जिससे मौत हुई हो, ठीक पूर्ववर्ती एक साल के दौरान कम से कम 78 दिन का अशंदान होना चाहिए।

यह भी ले सकते हैं: 

अगर उपचार के दौरान कर्मचारी 90 दिनों तक गैर हाजिर है तो भी वेतन के लिए दावा कर सकता है।' बीमारी हित लाभ के तहत वह हर दिन 70 फीसद वेतन के हिसाब से पेमेंट पा सकता हैअगर कोई कर्मचारी कर्मचारी राज्य बीमा निगम के दायरे में आता है। उसकी कंपनी या संस्थान बंद हो जाती है या उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है। तो वह दो साल तक राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना के तहत बेरोजगारी भत्ते का लाभ उठा सकते हैं। जबकि अन्य किसी कारण बेरोजगार हुआ है तो कर्मचारी अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत तीन महीनों तक आर्थिक मदद प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए कर्मचारी को बीमा निगम की वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा।

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