नई दिल्ली. वोटर आईडी (Voter ID) बनाना अब और आसान हो सकता है. चुनाव आयोग (EC) वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़े बदलवा की तैयारी में है. जल्द ही व्यक्तिगत वेरिफिकेशन की प्रक्रिया खत्म हो सकती है. EC पूरी प्रक्रिया को ऑन लाइन करने पर विचार कर रहा है. कहा जा रहा है कि नए वोटर बनने के लिए 5 से 6 दस्तावेज़ मांगे जाएंगे और इन सबको ऑनलाइन ही अपलोड करना होगा. फिलहाल वोटर लिस्ट में नाम डलवाने के लिए ऑन लाइन की सुविधा तो है, लेकिन बाद में बूथ स्तर के कर्मचारी वोटरों का व्यक्तिगत वेरिफिकेशन करते हैं.चुनाव आयोग वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म में भी बदलाव की तैयारी में है. फॉर्म 8ए को हटाया जा सकता है. फॉर्म 8ए का इस्तेमाल उन मतदाताओं के लिए किया जाता है जो अपना वोटर आईडी कार्ड एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर करना चाहते हैं. आयोग मतदाता पहचान पत्र को दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने के लिए एक अलग प्रक्रिया की योजना बना रहा है.

बदलाव से होगा फायदा
आयोग अपनी सामान्य मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया को जारी रखेगा, लेकिन लोगों को प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए एक विकल्प दिया जाएगा. ये उन लोगों के लिए स्वैच्छिक है जो अपना मतदाता पहचान पत्र जल्द से जल्द प्राप्त करना चाहते हैं. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत के मुताबिक बूथ स्तर पर वेरिफिकेशन को हटाने का कदम क्रांतिकारी होगा. उन्होंने कहा, ‘ये एक अच्छा कदम होगा, क्योंकि ये प्रक्रिया लोगों को और सुविधा देगी. कई बार ऐसा होता है जब एक व्यक्ति घर पर होता है और दूसरा नहीं. इससे लोगों के लिए व्यक्तिगत रूप से अपनी पहचान सत्यापित करना मुश्किल हो जाता है.’


रिमोट वोटिंग सिस्टम को लेकर भी तैयारी
चुनाव आयोग रिमोट वोटिंग सिस्टम लाने की भी तैयारी में है. इसके तहत कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे राज्य में रहने के बावजूद अपना वोट डाल सकता है. रिमोट वोटिंग को लेकर चुनाव आयोग ने सारी तैयारी कर ली है. लेकिन उन्हें इस सिस्टम पर राजनीतिक दलों की राय का इंतज़ार है. कहा जा रहा है कि इससे वोटिंग सिस्टम में नई क्रांति आ सकती है. चुनाव के दौराम किसी दूसरे राज्य में रहने पर भी लोग वोट डाल सकेंगे.