महिलायें अपनी शक्ति को पहचाने एवं आत्मनिर्भर बनेः- श्रीमती चंद्रा

 महिलायें अपनी शक्ति को पहचाने एवं आत्मनिर्भर बनेः-  श्रीमती चंद्रा

हरदा - जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा श्रीमती शशीकला चंद्रा के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय परिसर के ए.डी.आर. सेंटर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। शिविर में जिला न्यायाधीश श्रीमती चंद्रा की अध्यक्षता एवं उपस्थिति, अपर जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा श्री के.एस.शाक्य एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरदा श्रीमती नौशीन खान, अन्य महिला न्यायाधीशगण, समस्त महिला अधिवक्ता एवं समस्त न्यायालयीन महिला कर्मचारीगण एवं महिला पीएलव्ही की उपस्थित रही।

      जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा श्रीमती शशीकला चंद्रा के द्वारा उद्बोधन में कहा गया कि स्त्री को सर्वगुण संपन्न कहा जाता है। हर महिला में इतनी सहनशक्ति होती है कि वह नौकरी के साथ-साथ घरेलू दायित्व जैसी दोहरी जिम्मेदारी भी उठा सकती है। जरूरत है कि महिलाए अपनी शक्ति को पहचाने, अपनी बात दृढता से रखे, जिससे सामने वाला उसे मानने मे मजबूर हो जाये। सभी महिलाओं को अपनी बच्चियों/बेटियों को जरूर पढ़ाना चाहिये, जिससे पढ़ी लिखी होने से वे बच्चों को पढाने में एवं साथ ही अधिकारी वर्ग एवं अन्य क्षेत्रों में कार्य कर अपनी नौकरी के साथ-साथ  घर के और भी काम कर सके। श्रीमती चंद्रा दहेज प्रथा एवं घरेलू हिंसा के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

      सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा श्री के.एस. शाक्य द्वारा महिलाओं के संबंध में विधिक जानकारी प्रदान की एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित महिलाओं से संबंधित निःशुल्क योजनाओं की जानकारी दी गई एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया गया।

      अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अभय सिंह द्वारा किया गया, किया गया।

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